उत्तर प्रदेश
(अजब-गजब) लड़की की मौत के मामले में युवक को हुई जेल, बाद में लड़की निकली जिंदा, अब हो रही ये कार्यवाही…..
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले गौंडा पुलिस स्टेशन एरिया के गांव ढांटोली में सात साल पहले मृत दर्शाई गई किशोरी जिंदा मिली है। अब बालिग होकर शादी कर दो बच्चों की मां बन गयी है। लड़की को बरामद कर पुलिस ने उसका कोर्ट में बयान दर्ज करवाया है। लड़की के मर्डर के आरोप में एक युवक जेल में है।
लापता लड़की को मृत बताकर युवक को भिजवाया था जेल
गांव ढांटोली निवासी एक व्यक्ति ने 17 फरवरी 2015 को गौंडा पुलिस स्टेशन में कांड संख्या 31/2015 धारा 363/366/302/201 व 5 पॉक्सो एक्ट के तहत विष्णु पुत्र छत्रपाल निवासी ढाटौली, के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 10वीं में पढ़ने वाली उनकी बेटी लापता है। इसमें गांव के ही विष्णु पर शक जताया। पुलिस किशोरी का सुराग नहीं लगा पाई। कुछ महीनों बाद आगरा में एक किशोरी का बॉडी मिला। स्वजन ने उसकी शिनाख्त अपनी बेटी के रूप में की। विष्णु पर मर्डर का आरोप भी लगा। एक माह पहले सरेंडर करने के बाद आरोपी विष्णु जेल में है। हालांकि, तीन साल पहले वह जमानत पर बाहर आ गया, मगर समन/एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद हाजिर न होने पर उसके खिलाफ कुर्की नोटिस जारी हुआ था। तब उसे जेल भेजा गया। अब वह एक माह से जेल में है।
आरोपित विष्णु की मां सुनीता गौतम ने पिछले दिनों एसएसपी कलानिधि नैथानी मिलकर बताया कि बताया कि उक्त अभियोग की पीड़िता प्रवेश पुत्री देवेंद्र निवासी ढाटौली थाना गोंडा जिला अलीगढ़ की मृत्यु नहीं हुई है बल्कि वह एक व्यक्ति के साथ शादी कर उसके गांव में रह रही है। जबकि उसकी किडनैप व मर्डर के आरोप में उनका बेटा विष्णु जेल मेंबंद है। एसएसपी ने इस मामलेकी जांच गंभीरता से कराई। पुलिस जांच सामने आया कि पीड़िता प्रवेश ने अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया है।राजकुमार पुत्र श्याम सुंदर निवासी नगला चौखा थाना हाथरस गेट, हाथरस के साथ शादी करके रह रही है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया, प्रकरण में अग्रेतर विवेचना के आदेश दे दिये गये हैं। इस तरह के प्रकरण में वैज्ञानिक तथ्यों के साथ-साथ डीएनए मिलान की आवश्यकता होती है। परिणाम अनुसार कार्रवाई की जायेगी। यदि कोई पीड़ित हैतो उसको न्याय दिलवानेके लिए उचित आख्या कोर्ट में प्रेषित की जायेगी।पुलिस को लड़की की डीएनए मिलान की अनुमति मिल गई है। अब पुलिस डीएनए कराने के साथ नये एवीडेंस के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किशोरी के बयानों का अवलोकन किया जायेगा। डीएनए मिलान की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
माता-पिता ने बेटी को पहचाना
गांव ढांटौली की किशोरी (अब महिला) प्रवेश उर्फ पूजा को उसके माता-पिता नेअपनी बेटी के तौर पर पहचान लिया है। माता-पिता द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया। वहां उसके कलमबद्ध बयान हुए। पुलिस ने प्रवेश का डीएनए सैंपल लेने और उसका मिलान माता-पिता के डीएनए से कराने की अर्जी दाखिल की।
भागवताचार्य को हुआ था शक
मथुरा के वृंदावन निवासी भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री कुछ दिन पहले हाथरस के उसी गांव के पास स्थित अन्य गांव में भागवत के लिए गये थे। उन्हें लड़की को देखकर कुछ शक हुआ। भागवताचार्य उदय कृष्ण को नगला चौखा में रहने वाले एक जजमान ने भोजन के लिए बुलाया। उसी मकान के बगल में ये लड़की भी रहती थी।
भोजन के दौरान लड़की आ गई थी। इस पर भागवताचार्य को शक हुआ कि लड़की जानी-पहचानी है। लेकिन, उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं हो पाई। हालांकि, शक होने पर उन्होंने फोन में लड़की की फोटो खींच ली। इसके बाद परिजन को दिखाने पर स्पष्ट हुआ कि किशोरी वही है, जो सात साल पहले मृत दर्शाई गई थी। इसके बाद भागवताचार्य ने अपने स्तर से तहकीकात की। सबकुछ स्पष्ट होने के बाद भागवताचार्य डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से जाकर मिले। तब जाकर मामले में गंभीरता से जांच हुई।