उत्तराखंड
पिता ने डांटा तो बेटे ने कर दिया ऐसा कांड कि परिवार से लेकर पुलिस तक हो गई परेशान, और फिर……
हल्द्वानी में आखिरकार पुलिस व एसओजी की मेहनत रंग लाई। शहर से लापता हुए डीपीएस पब्लिक स्कूल का छात्र को सकुशल बरामद कर लिया है। छात्र पिता की डांट से नाराज होकर दिल्ली भागा था। स्कूल से परीक्षा देने के बाद वह एक पेट्रोल पंप पर गया। बोतल में पेट्रोल लेकर गोरापड़ाव बाइपास के जंगल में पहुंचा। जहां उसने पेट्रोल डालकर स्कूटी व कापी-किताबें फूंक दी।
इसके बाद पैदल बरेली रोड पर गया और ब्ला-ब्ला एप से टैक्सी बुक करके दिल्ली पहुंच गया। यहां किराए पर होटल लेकर ठहरा हुआ था। पुलिस ने काउंसलिंग के बाद छात्र को स्वजन के सुपुर्द कर दिया है। टीपीनगर चौकी क्षेत्र के जीतपुर नेगी वार्ड नंबर 56 निवासी कारोबारी योगेश मिश्रा का 15 वर्षीय बेटा यर्थाथ दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में नौवीं का छात्र है। 20 मार्च को वह घर से स्कूटी पर सवार होकर परीक्षा देने निकला था, लेकिन फिर लौट कर घर नहीं आया।
शाम देर हुई तो उसकी तलाश शुरू हुई। पुलिस भी तलाश में जुटी। यर्थाथ की स्कूटी गोरापड़ाव बाइपास के जंगल किनारे पूरी तरह जली मिली। स्कूटी मिलने के बाद स्वजन अनहोनी से आशंकित थे। अगले दिन शुक्रवार को उसकी पानी की बोतल, स्कूल बैग मिला तो घबराहट और बढ़ गई थी।
पहले दिन रात एक बजे तक जंगल की खाक छानने वाली पुलिस टीमों ने अगले दिन तड़के जंगल में तलाश शुरू की। डाग स्क्वायड के साथ फोरेंसिक टीमें भी जांच में जुटीं, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। हरीश नेगी के घर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो यथार्थ अकेला स्कूटी से जंगल की ओर जाता दिखा था। मैन्युअल पुलिस व सीसीटीवी फुटेज से जब कोई मदद नहीं मिली तो पुलिस ने सर्विलांस पर पूरा जोर डाला और सफलता हाथ लगी।
यथार्थ को लोकेशन दिल्ली के महिपालपुर में मिली। शनिवार रात ही पुलिस महिपालपुर पहुंच गई। यथार्थ विशाल होटल में रुका हुआ था। पुलिस के साथ गई सीडब्ल्यूसी की टीम ने काउंसिलिंग कर उसे शांत कराया और रात ही उसे लेकर हल्द्वानी आ गई। सीओ सिटी नितिन लोहनी ने बताया कि छात्र को सकुशल दिल्ली के होटल से बरामद कर लिया गया है। पिता ने बेटे को पढ़ाई के लिए डांटा था। इससे नाराज होकर वह घर छोड़कर भाग गया।
सबको परेशान कर खुद होटल में आराम फरमा रहा था छात्र ने जिस तरीके से स्कूटी व अपनी कापी-किताबों में आग लगाई। उससे हर कोई यही सोच रहा था कि शायद कोई अनहोनी घटना हो गई है। पुलिस, स्वजन और रिश्तेदार अपने-अपने स्तर से छात्र की तलाश में जुट गए थे।
दो दिन तक कुछ पता नहीं चला तो माथे में चिंता की लकीरें दिखने लगी। माता-पिता ने खाना खाना छोड़ दिया था। क्योंकि बेटा घर का इकलौता व लाडला था। हल्द्वानी में हर कोई छात्र को लेकर परेशान रहा। पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। छात्र खुद दिल्ली के होटल में आराम फरमा रहा था।
इधर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि पुलिस व एसओजी ने छात्र को सकुशल बरामद करने के लिए दिन रात एक कर दिए थे। रविवार की सुबह तीन बजे टीम उसे दिल्ली से लेकर पहुंची। छात्र पिता की डांट से नाराज था। पिता ने उसे पढ़ाई के लिए कहा था। काउंसलिंग के बाद छात्र को स्वजन को सौंप दिया गया है।

