उत्तर प्रदेश
योगी आदित्यनाथ की बिगड़ी तबियत? CM आवास पहुंचे NSG कमांडो, ये रही वजह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर बुधवार को एनएसजी के दर्जनों जवान एंबुलेंस के साथ सीएम आवास में घुसे। इसके बाद आवास के अंदर से एक स्ट्रेचर एंबुलेंस पर लाया गया। फिर पूरे फ्लीट के साथ यह एंबुलेंस सिविल अस्पताल पहुंची। यह मॉक ड्रिल सीएम योगी की सुरक्षा को जांचने के लिए बुधवार को की गई। इससे पहले पिछले हफ्ते इसी तरह का अभ्यास बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के लिए उनके आवास पर किया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के 5 कालीदास मार्ग पर रहते हैं। बुधवार को जिस समय सीएम योगी आगरा में थे, उसी समय उनके आवास पर यह मॉक ड्रिल की गई। इस ड्रिल से परखा गया कि कभी कोई इमरजेंसी आती है तो एनएसजी कितनी तेजी से सभी चीजों को हैंडल करती है। पूरी ड्लि के दौरान न सिर्फ एनएसजी के कमांडो को शामिल किया गया बल्कि अन्य सुरक्षाकर्मी, ड्राइवर भी शामिल हुए। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
इमरजेंसी की सूचना के प्रसारण के साथ ही एंबुलेंस और फायर डिपार्टमेंट भी पहुंच गई। ठीक 11.49 बजे एंबुलेंस सीएम आवास से रवाना हुई और एक मिनट के अंदर ही 11.50 पर सिविल अस्पताल पहुंच गई। इसके अलावा यह भी जांचा गया कि सुरक्षा घेरा कितना मजबूत है। मेडिकल इमरजेंसी में कितनी तेजी लाई जा सकती है और सीएम को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास भी किया गया।
एंबुलेंस के सिविल अस्पताल पहुंचने पर सीएम आवास से लाए गए स्ट्रेचर पर व्यक्ति को लिटाकर इमरजेंसी मेडिकल प्रोटोकॉल का अभ्यास भी किया गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी तेजी से एक्श और प्राथमिक इलाज का अभ्यास किया। पूरे ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को भी अलर्ट पर रखा गया।
इस दौरान किसी हमले या सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में एक्शन की भी जांच की गई। एक अधिकारी के अनुसार मॉकड्रिल के उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में मुख्यमंत्री की सुरक्षा को मजबूत करना और संभावित खतरों का आकलन करना था। अधिकारियों ने सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की और जरूरी सुधारों पर चर्चा भी की है।
स्रोत im

