उत्तराखंड
OMG : पुतिन को डराने चला था “नाटो” और अमेरिका, फिर रूस ने दिखा दी सबको उनकी औकात, देखें ये रिपोर्ट:-
रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए एक तरफ कोशिशें चल रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ तनाव भी बढ़ रहा है. रूस की ओर से यूक्रेन पर परमाणु हमला करने की ताकत रखने वाले बमवर्षकों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद पूरा यूरोप हिल गया.
नाटो सेना ने पोलैंड में अपनी एयरफोर्स को तैनात कर दिया. रूस ने अपने बॉम्बर तब भेजे हैं जब अमेरिका ने भी अपने बी-52 बॉम्बर रूसी सीमा के करीब उड़ाए थे. यूक्रेन युद्ध के तीन साल होने पर अमेरिका ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए रूसी सीमा से 80 किमी की दूरी पर अपने बॉम्बर उड़ाए थे. बी-52 परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इसे पूर्वी एस्टोनिया के ऊपर उड़ाया गया था. इसी दिन एस्टोनिया का स्वतंत्रता दिवस भी था.
अमेरिका की ओर से बॉम्बर उड़ाए जाने के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि पुतिन जिन देशों पर आगे हमला कर सकते हैं उसमें अब एस्टोनिया भी शामिल हो गया है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति का कहना है कि जिन पूर्वी यूरोपीय देशों में रूसी आबादी है या सोवियत संघ के प्रभाव क्षेत्र का हिस्सा थे, वह खतरे में हैं. जेलेंस्की के मुताबिक पोलैंड, स्लोवाकिया, लातविया, एस्टोनिया और मोल्दोवा पुतिन के निशाने पर हैं. रूस ने नाटो के इस एयरशो पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन इसके बाद यूक्रेन पर भयानक हमला जरूर किया.
रूस का विमान देख नाटो अलर्ट
रूस ने Tu-95MS जेट्स का इस्तेमाल किया, जिससे कीव में दहशत फैल गई. लोगों को भागकर अंडर ग्राउंड शेल्टर में शरण लेनी पड़ी. रूस का ये स्ट्रैटेजिक बॉम्बर लंबी दूरी तक हमला कर सकता है. परमाणु हथियार ले जाने में यह सक्षम है. पुतिन के पास ऐसे 55 विमान हैं. यूक्रेन के कीव झाइटॉमिर, सुमी और चेर्कासी सहित कई यूक्रेनी इलाकों में भयानक विस्फोट सुनाई दिए.
रूस ने ड्रोन का इस्तेमाल भी हमले के लिए किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए. रूस के इस भयानक हमले के कारण नाटो तुरंत अलर्ट हो गया है और खुद को बचाने को तैयार हो गया. द सन की रिपोर्ट के मुताबिक पोलैंड के सशस्त्र बलों के ऑपरेशन कमांड मुख्यालय ने कहा, ‘रूस की लंबी दूरी के विमानों के कारण पोलैंड के हवाई क्षेत्र में विमान उड़ाने पड़े.’
बातचीत के बीच पुतिन का हमला
रूसी विमानों को देखते ही ग्राउंड एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया. आर्कटिक में ओलेन्या एयर बेस से कम से कम दो Tu-95MS बमवर्षकों ने उड़ान भरी. रूस की ओर से यह सबकुछ तब किया जा रहा है जब लगातार पुतिन शांति चाहने की बात कह रहे हैं.
रूस इस युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. लेकिन इसके बावजूद भी रूस का रुख सख्त है. युद्ध के तीन साल पूरे होने पर रूस ने यूक्रेन पर बड़ा ड्रोन हमला किया. 48 घंटे में 450 से ज्यादा बम गिराए गए.
स्रोत im
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