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उत्तराखंड

(उत्तराखंड) मदरसों को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने दिया बयान, कहा- यहां हिंदुओं के खिलाफ होता है ये काम, उठाई ये मांग….

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी (निरंजनी) ने उत्तराखंड में हिंदुओं के खिलाफ मोर्चेबंदी करने वाले मदरसों को बंद करने की मांग की है। श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि मदरसों का सर्वे (Madarsa Survey) होना चाहिए।

श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया है, उन्होंने भी बताया है कि मदरसों में हिंदुओं के खिलाफ मोर्चा बंदी होती है। उत्तर प्रदेश में भी मदरसे समाप्त हो रहे हैं।

उत्तराखंड में भी मदरसे समाप्त होने चाहिए। वहीं, उन्होंने पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की हैदराबाद स्थित उदासी मठ की 540 एकड़ भूमि के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और संतों को बधाई दी है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आश्रम-अखाड़ों की भूमि पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बड़ा उदासीन अखाड़े ने गल्फ आयल कारपोरेशन से मुकदमे में जीत हासिल की है। 

उन्होंने कहा कि श्री महंत रघु मुनि महाराज के अथक प्रयास से ही यह संभव हो पाया है। संत समाज उन्हें साधुवाद देता है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता है। आशा करता है कि भविष्य में ऐसे किसी भी प्रकार के अखाड़े आश्रम की संपत्तियों पर कब्जा नहीं होने दिया जाए।

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उन्होंने कहा कि देश भर में चार लाख से अधिक मठ-मंदिरों पर अवैध रूप से सरकार और निजी व्यक्तियों का कब्जा हो रखा है, जिसको लेकर केंद्र सरकार को मठ मंदिर मुक्ति कानून बनाना चाहिए।

अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि सभी तेरह अखाड़े भारतीय सनातन संस्कृति की रीढ़ हैं। जो भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म को विश्व पटल पर संजोए हुए हैं। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन अपने सेवा प्रकल्पों के माध्यम से लगातार समाज को लाभान्वित कर रहा है।

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अखाड़े आश्रमों की संपत्ति किसी भी रूप में किसी निजी व्यक्ति एवं संस्था को नहीं मिलनी चाहिए। धर्म स्थलों का सही संरक्षण संवर्धन और संचालन मात्र संत समाज ही कर सकता है। इसलिए किसी भी सूरत में धार्मिक संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्रोत इंटरनेट मीडिया

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