मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन पर जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मदद
समाजसेवी शुभम अंडोला ने हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से बांटे सहायता के चेक, शिक्षा के प्रति जागरूकता को भी दिया बढ़ावा
हल्दूचौड़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर हल्दूचौड़ में समाजसेवा की एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। समाजसेवी शुभम अंडोला ने अपने हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से कई जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की। सहायता प्राप्त करने वालों में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवार भी शामिल रहे। इसके साथ ही शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही एक संस्था को भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस पर अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में शुभम अंडोला ने जरूरतमंद परिवारों को सहायता राशि के चेक सौंपे। गंभीर बीमारी से जूझ रहे कैंसर और किडनी रोगियों के परिजनों को आर्थिक सहायता देकर उन्होंने संकट की घड़ी में परिवारों के साथ खड़े होने का संदेश दिया। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने वाली संस्था की संचालिका गुड्डू बिष्ट को भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।
शुभम अंडोला ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बीमारी और बच्चों की शिक्षा जैसी परिस्थितियां बड़ी चुनौती बन जाती हैं। ऐसे समय में समाज के सक्षम लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद के कठिन समय में की गई छोटी-सी सहायता भी उसके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि अपने माता-पिता की स्मृति एवं उनके आशीर्वाद को समर्पित हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता का यह प्रयास लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रहकर समाज में सेवा, शिक्षा और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है।
सरकार की जनकल्याणकारी सोच से समाज को मिल रही प्रेरणा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा जरूरतमंद, गरीब, महिला, युवा, बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों की भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता और विकास का लाभ पहुंचाना है। ऐसे में समाजसेवी संस्थाओं और व्यक्तिगत स्तर पर सेवा कार्य करने वाले लोगों की पहल सरकार की जनकल्याणकारी सोच को सामाजिक स्तर पर मजबूती प्रदान करती है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से जनकल्याण के लिए लगातार काम कर रही है, वहीं समाज के जिम्मेदार नागरिक यदि अपने स्तर पर जरूरतमंदों का सहयोग करें तो इसका लाभ और व्यापक हो सकता है। शुभम अंडोला द्वारा मुख्यमंत्री के जन्मदिन को जरूरतमंदों की सहायता से जोड़ना इसी सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है।
सेवा कार्यों की हुई सराहना
कार्यक्रम में आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों के परिजनों ने शुभम अंडोला का आभार जताया। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भी उनके द्वारा लंबे समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के साथ खड़ा होना समाजसेवा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
शुभम अंडोला द्वारा जरूरतमंद परिवारों के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने वाली संस्था को सहयोग दिए जाने को भी लोगों ने सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में किया गया सहयोग आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, समाजसेवी टीआर अंडोला, समाजसेवी शुभम अंडोला, पूर्व जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा संदीप कुकसाल, समाजसेविका मीना अंडोला, भाजपा नेता इंदर बिष्ट, धर्मानंद खोलिया, रमेश अंडोला, भाजपा नेता भैरव दत्त खोलिया, प्रकाश सनवाल, विनोद श्रीवास्तव, हेमंत दुम्का, चंदू खोलिया, प्रवीन शर्मा, सुशील यादव, कमल तिवारी, दीपू मेहरा, गोपू बिष्ट, महेश कांडपाल, चंद्रशेखर अंडोला, दीपक सुयाल, सुनील सैनी, मुकेश सैनी, किरन थुवाल, भुवन पवार, नवीन भट्ट, प्रकाश कुमार, मोहन चंदोला, नवल उपाध्याय और नवीन देवराड़ी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए उनके प्रयासों की चर्चा की गई। वहीं शुभम अंडोला ने कहा कि जन्मदिन जैसे अवसरों को जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के अवसर के रूप में मनाना अधिक सार्थक है।