उत्तराखंड
लालकुआं (नैनीताल) सेंचुरी पल्प एंड पेपर में दो दिवसीय NDRF प्रशिक्षण संपन्न, CEO अजय कुमार गुप्ता बोले- “आपदा से निपटने को उद्योग रहें सदैव तैयार”
लालकुआँ (नैनीताल) 25 फरवरी 2026
जिला अधिकारी नैनीताल के निर्देशानुसार सेंचुरी पल्प एंड पेपर, लालकुआँ परिसर में 24 व 25 फरवरी को दो दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं राहत-बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का संचालन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) गदरपुर की टीम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों को संभावित आपदाओं के प्रति सजग, प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने भूकंप, बाढ़ एवं अग्निकांड जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, समन्वय व्यवस्था तथा अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
मिल के सुरक्षा एवं संरक्षा विभाग सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 100 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी की।
इस अवसर पर मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि आज के समय में आपदा प्रबंधन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि औद्योगिक इकाइयों की अनिवार्य जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक रूप से संवेदनशील राज्य में भूकंप, अतिवृष्टि, बाढ़ और अग्नि जैसी संभावित घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक उद्योग को सतर्क और प्रशिक्षित रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संकट की घड़ी में संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण, त्वरित निर्णय क्षमता और टीमवर्क होता है। यदि प्रत्येक कर्मचारी आपात स्थिति में संयम और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करे, तो संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।”
श्री गुप्ता ने बताया कि सेंचुरी पल्प एंड पेपर समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट, मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहा है और भविष्य में इन प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग की जिम्मेदारी केवल अपने परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्र में आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत कार्यों में सहयोग देना भी उसका दायित्व है।
कार्यक्रम में एनडीआरएफ के कमांडेंट कनिष्क पांगती, जिला उद्योग केंद्र की सहायक प्रबंधक सुश्री सीमा बिष्ट, मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्र, महाप्रबंधक संजय बाजपेयी, सुधीर कौल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी पंकज धूलिया, चिकित्साधिकारी डॉ. पवन दत्ता, इन्द्रदेव झा सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा भविष्य में नियमित रूप से ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने का संकल्प लिया गया। यह आयोजन मिल परिसर में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।