उत्तराखंड
देहरादून:- धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: बिंदुखत्ता और बापूग्राम समेत बग्गा 54 को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में बढ़ा कदम….
धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: बिंदुखत्ता समेत 54 बस्तियों को राजस्व ग्राम बनाने की दिशा में बढ़ा कदम
बापूग्राम, 54 बग्गा और बिंदुखत्ता के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति, मुख्य सचिव तैयार करेंगे राजस्व ग्राम का प्रस्ताव; वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की बढ़ी उम्मीद
देहरादून, 10 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने की प्रतीक्षा कर रही बड़ी आबादी के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने देहरादून के बापूग्राम, ऊधम सिंह नगर के खटीमा स्थित बग्गा 54 तथा नैनीताल जिले के बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। साथ ही मुख्य सचिव को राजस्व ग्राम बनाए जाने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार के इस निर्णय को विशेष रूप से बिंदुखत्ता क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने के कारण यहां के निवासियों को भूमि के स्वामित्व, भवन निर्माण, बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास में विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार गठित समिति संबंधित क्षेत्रों की स्थिति, कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सचिव राजस्व ग्राम गठन का अंतिम प्रस्ताव तैयार कर सरकार को प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बिंदुखत्ता उत्तराखंड की सबसे बड़ी वन भूमि पर बसी आबादियों में से एक माना जाता है। यहां वर्षों से हजारों परिवार निवास कर रहे हैं और राजस्व ग्राम की मांग लगातार उठती रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने समय-समय पर इस मुद्दे को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा है।
राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र में भूमि संबंधी अधिकारों को स्पष्ट करने, सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना है। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि समिति की रिपोर्ट और मुख्य सचिव द्वारा तैयार प्रस्ताव के आधार पर विधिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर इन क्षेत्रों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। कैबिनेट के इस फैसले से विशेष रूप से बिंदुखत्ता के हजारों परिवारों में वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की नई उम्मीद जगी है।