उत्तराखंड
उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब प्रदेश में 50% सरकारी वाहन होंगे इलेक्ट्रिक, मंत्रियों के काफिले होंगे आधे….
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सुधारों को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने भविष्य की जरूरतों और वैश्विक संकटों को देखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधारों का रोडमैप तैयार किया है। इस बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से लेकर स्वदेशी उत्पादों की बिक्री तक पर कड़े कदम उठाए गए हैं।
पर्यावरण और तकनीक पर दांव: 50% सरकारी वाहन होंगे EV
राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने नई ‘EV Policy’ को मंजूरी दी है। इसके तहत अब नए खरीदे जाने वाले सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) होना अनिवार्य होगा। साथ ही, प्रदेशभर में चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाया जाएगा। इसके अलावा, ईंधन और समय की बचत के लिए सरकारी कामकाज में ‘वर्क फ्रॉम होम’ और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
‘वीआईपी कल्चर’ पर लगाम और मितव्ययिता
कैबिनेट ने शासन प्रशासन में फिजूलखर्ची रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले (फ्लीट) में वाहनों की संख्या आधी कर दी जाएगी। सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों की विदेश यात्राएं भी सीमित की जाएंगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।
‘मेड इन स्टेट’ और पर्यटन को बढ़ावा
स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए “Made in State” अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्यमिता और बिक्री को बल मिलेगा। सरकारी खरीद में ‘Make in India’ नियमों का कड़ाई से पालन होगा। वहीं, पर्यटन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए “Visit My State” अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा और प्रवासी भारतीयों (NRIs) को छुट्टियों में उत्तराखंड आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ऊर्जा और कृषि: पीएनजी व प्राकृतिक खेती पर फोकस
सरकार ने उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही:
- PNG (Piped Natural Gas): मिशन मोड में पीएनजी कनेक्शन के लिए अभियान चलाया जाएगा। होटलों, रेस्टोरेंट्स और सरकारी आवासों में पीएनजी के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
- गोबर गैस: ग्रामीण स्तर पर बायोगैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
- प्रोजेक्ट्स में तेजी: माइनिंग, सोलर और पावर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
स्वास्थ्य और जन-जागरूकता
कैबिनेट ने स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता दिखाते हुए ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ जैसा जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही, खाद्य तेल और नमक की खपत कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और स्कूलों व सरकारी कैंटीनों में इनके उपभोग की समीक्षा की जाएगी।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- मंत्रियों के काफिले के वाहनों की संख्या 50% कम होगी।
- नई EV पॉलिसी के तहत चार्जिंग नेटवर्क का होगा विस्तार।
- सरकारी खरीद में स्थानीय उत्पादों (Made in State) को प्राथमिकता।
- पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए चलेगा विशेष अभियान।
- विदेश यात्राओं पर लगाम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर।