उत्तराखंड
देहरादून: मानसून से पहले अलर्ट मोड में धामी सरकार, जन समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: CM
देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्रों में की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए आमजन की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने पर जोर देते हुए उन्होंने हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी विभाग को प्रस्ताव अन्य विभाग को भेजना है तो उसे बिना विलंब के प्रेषित किया जाए, अन्यथा संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागीय सचिवों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग स्तर पर लंबित मुख्यमंत्री घोषणाओं की अलग से समीक्षा करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को मानसून से पूर्व संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने और आगामी चारधाम यात्रा को लेकर सभी तैयारियां समय पर सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा कमर्शियल सिलेंडर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए होटल एसोसिएशन के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर भी बल दिया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, आशा नौटियाल, विनोद कंडारी सहित मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भी बैठक में जुड़े।