उत्तराखंड
हल्द्वानी न्यूज़: स्टाफ और वाहन की भारी कमी के बीच भी आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1550 बल्क लीटर शराब जब्त
हल्द्वानी। नैनीताल जनपद के अंतर्गत आने वाले हल्द्वानी सर्कल में आबकारी विभाग सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद लगातार अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। विशाल क्षेत्र और बढ़ते कार्यभार के बीच विभाग की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी सर्कल में स्वीकृत नौ पदों के सापेक्ष वर्तमान में केवल पांच कर्मियों की तैनाती है। विभाग के पास स्वयं का वाहन तक उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, कोर्ट संबंधी कार्यों और कार्यालयी दायित्वों के निर्वहन के लिए लिपिक (बाबू) तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच कार्य करना विभागीय कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

बड़ा क्षेत्र, सीमित संसाधन
हल्द्वानी सर्कल के अंतर्गत काठगोदाम, चोरगलिया, मुखानी, लालकुआं और बनभूलपुरा सहित कई कोतवाली व थाने क्षेत्र आते हैं। इस व्यापक क्षेत्र में अवैध शराब की रोकथाम, मदिरा दुकानों की नियमित जांच, शिकायतों पर कार्रवाई, एफएल-2 और सीएल-2 निकासी, लाइसेंस नवीनीकरण, जब्त शराब की टेस्टिंग और न्यायालयी कार्य जैसी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।

अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई
आबकारी निरीक्षक धीरेंद्र बिष्ट ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 55 मामले दर्ज किए गए तथा तीन दुपहिया वाहन जब्त किए गए। इस दौरान कच्ची, देसी और विदेशी मदिरा मिलाकर कुल 1378.75 बल्क लीटर शराब बरामद की गई।
वहीं चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी 2026 तक 70 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और चार दुपहिया वाहन सीज किए गए हैं। इस अवधि में देसी, विदेशी, बीयर व कच्ची शराब मिलाकर कुल 1550 बल्क लीटर शराब जब्त की गई, जो जनवरी 2025 तक की 1215.80 बल्क लीटर जब्ती से काफी अधिक है।
आबकारी निरीक्षक का कहना है कि स्टाफ और वाहन की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही संसाधनों में वृद्धि होगी, जिससे विभागीय कार्यों को और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
उठ रहे सवाल
जहां एक ओर पुलिस और वन विभाग के पास पर्याप्त बल और वाहन उपलब्ध रहते हैं, वहीं बड़े राजस्व का स्रोत होने के बावजूद आबकारी विभाग संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती का प्रावधान न होने से भी कार्यभार बढ़ा हुआ है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि सीमित स्टाफ और साधनों के बीच विभाग अवैध शराब पर किस हद तक प्रभावी नियंत्रण बनाए रख पाएगा।
फिलहाल, तमाम चुनौतियों के बावजूद हल्द्वानी सर्कल की कार्रवाई यह दर्शाती है कि विभाग प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।