उत्तराखंड
देहरादून में पीएम दौरे से पहले हाई अलर्ट: 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, DGP दीपम सेठ ने की सुरक्षा व्यवस्था की अंतिम समीक्षा
देहरादून। 14 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से ‘मिनट-टू-मिनट’ रिहर्सल कर सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
रिहर्सल के बाद पुलिस लाइन देहरादून में पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ ने सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा और ब्रीफिंग की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, समन्वित और त्रुटिरहित ढंग से लागू की जाएं।
डीजीपी ने अधिकारियों को वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर अत्यधिक सतर्क और संवेदनशील रहने को कहा। साथ ही ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों के टर्नआउट को उच्च स्तर का रखने और उन्हें पहले से स्पष्ट ब्रीफिंग देने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों और वीवीआईपी रूट पर मानव श्रृंखला में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों का पूर्व सत्यापन अनिवार्य किया गया है। बिना जांच के किसी को भी भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। वीवीआईपी रूट पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर किसी भी प्रकार के अवरोध को हटाना सुनिश्चित करें।
आम जनता के प्रवेश के लिए निर्धारित गेटों पर हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) के माध्यम से कड़ी जांच की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को बिना जांच के प्रवेश नहीं मिलेगा और न ही कोई अनधिकृत वस्तु अंदर ले जाने दी जाएगी। कार्यक्रम समाप्ति के बाद भीड़ की सुरक्षित निकासी के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग, ऊंची इमारतों, जल टंकियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वाड द्वारा जांच की जा रही है।
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
इस दौरान अभिसूचना एवं सुरक्षा के महानिदेशक अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल, पीटीसी प्रधानाचार्य यशवंत चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।