उत्तराखंड
नैनीताल/धारी:- सरकारी योजना से खिला सपना: पहाड़पानी के कमलेश ने फूलों की खेती से बदली किस्मत….
धारी/नैनीताल। जनपद नैनीताल के धारी विकासखंड अंतर्गत पहाड़पानी गांव के युवा कमलेश महतोलिया आज आत्मनिर्भरता और नवाचार की मिसाल बन चुके हैं। इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने गुजरात में नौकरी की, लेकिन अपने गांव, परिवार और मिट्टी से जुड़ाव ने उन्हें वापस लौटने के लिए प्रेरित किया—और यहीं से शुरू हुई सफलता की नई कहानी।
🌱 परंपरागत खेती छोड़ अपनाया नवाचार
गांव लौटने के बाद कमलेश ने पारंपरिक खेती के बजाय कुछ अलग करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत उद्यान विभाग से करीब 14 लाख रुपये का ऋण मिला, जिसने उनके सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाई।
🌸 10 नाली से 40 नाली तक पहुंची फूलों की खेती
कमलेश ने बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर फूलों की आधुनिक खेती शुरू की। शुरुआत 10 नाली से हुई, जो आज बढ़कर 40 नाली तक पहुंच गई है। यहां लिलियम के साथ ओरिएंटल और एशियाटिक प्रजातियों के फूलों का उत्पादन किया जा रहा है, जिनकी मांग नैनीताल समेत अन्य जिलों में तेजी से बढ़ रही है।
🍓 फलों की खेती से बढ़ाया कारोबार
फूलों के साथ-साथ कमलेश ने 30 नाली भूमि पर सेब, कीवी और स्ट्रॉबेरी जैसी नगदी फसलों की खेती भी शुरू की है, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हुआ है।
👨🌾 रोजगार के बने नए अवसर
कमलेश की इस पहल से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। उनके उद्यम से आज 8 से 10 स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार मिल रहा है। सभी खर्चों के बाद वे हर महीने लगभग 2 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
🙏 सरकार को दिया सफलता का श्रेय
कमलेश महतोलिया अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उत्तराखंड सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व को देते हैं। उनका कहना है कि सरकारी सहयोग और मार्गदर्शन के बिना इस स्तर तक पहुंचना संभव नहीं था।
🚜 युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता
यह सफलता कहानी बताती है कि यदि युवा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर नई सोच और तकनीक के साथ काम करें, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देकर क्षेत्र के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।
👉 आने वाले समय में कमलेश अपने व्यवसाय का विस्तार कर आधुनिक तकनीकों के जरिए उत्पादन और विपणन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना बना रहे हैं।