उत्तराखंड
रामनगर (नैनीताल) जाति छुपाकर भूमि बिक्री पड़ी भारी, 1.170 हेक्टेयर जमीन सरकार में निहित
नैनीताल, 3 अप्रैल 2026
रामनगर क्षेत्र के ढेला बंदोबस्ती गांव में जाति छुपाकर भूमि विक्रय करने का मामला सामने आने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर नैनीताल की अदालत ने अवैध रूप से बेची गई 1.170 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है।
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जानकारी के अनुसार, यह भूमि वर्ष 1993 में बेची गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि विक्रय विलेख (बैनामा) और मुख्तारनामे में विक्रेताओं की जाति का उल्लेख नहीं किया गया था। मामले की गहन जांच “सरकार बनाम सीताराम आदि” शीर्षक से की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2013 में विक्रेताओं में से एक भाई का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ था। वहीं परिवार रजिस्टर में भी संबंधित परिवार अनुसूचित जाति श्रेणी में दर्ज पाया गया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार व्यक्ति की जाति जन्म से और पिता की जाति के आधार पर निर्धारित होती है। इस आधार पर विक्रेताओं को अनुसूचित जाति का मानते हुए बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के की गई भूमि बिक्री को अवैध करार दिया गया।
कलेक्टर नैनीताल ललित मोहन रयाल ने इसे उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम (UPZALR Act) की धारा 157 का उल्लंघन मानते हुए संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं।
अदालत ने उपजिलाधिकारी रामनगर को निर्देश दिए हैं कि आदेश का तत्काल राजस्व अभिलेखों में अंकन कराया जाए और भूमि पर कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में सुनिश्चित किया जाए।
👉 प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध भूमि हस्तांतरण के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा