उत्तराखंड
देहरादून: एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ वी मुरुगेशन की सख्ती— सत्यापन, महिला सुरक्षा और ‘ऑपरेशन स्माइल’ पर दिए कड़े निर्देश
देहरादून, 07 अप्रैल 2026
उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने गढ़वाल व कुमाऊँ रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों तथा सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में किरायेदार एवं घरेलू नौकरों के सत्यापन, महिला सुरक्षा से जुड़े ‘गौरा शक्ति मॉड्यूल’ तथा गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन स्माइल’ की प्रगति पर विशेष जोर दिया गया।
सत्यापन व्यवस्था पर सख्ती
एडीजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किरायेदार और घरेलू नौकरों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए और इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम 2007 के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सत्यापन के दौरान दस्तावेज संदिग्ध पाए जाते हैं, तो ICJS, NCRC और NAFIS जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से तत्काल पुष्टि की जाए।
साथ ही, गेटेड कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘गौरा शक्ति मॉड्यूल’ के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक महिलाओं व बालिकाओं के पंजीकरण पर बल दिया गया।
महिला संबंधी शिकायतों के त्वरित और संवेदनशील निस्तारण के निर्देश देते हुए एडीजी ने संवेदनशील क्षेत्रों में महिला चीता पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाने को कहा।
‘ऑपरेशन स्माइल’ को लेकर संवेदनशीलता
गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की बरामदगी को लेकर एडीजी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत जारी एसओपी का अक्षरशः पालन किया जाए और हर मामले में संवेदनशीलता व सक्रियता दिखाई जाए।
साथ ही, सभी महिला एवं बाल अपराधों की विवेचना तय समय सीमा में पूरी करने पर जोर दिया गया।
लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश
एडीजी ने यह भी स्पष्ट किया कि सत्यापन की प्रक्रिया को केवल अभियान तक सीमित न रखकर नियमित प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए और अन्य राज्यों को भेजे गए सत्यापन प्रपत्रों का लगातार फॉलोअप किया जाए।
बैठक में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की गई।