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उत्तर प्रदेश

लोकसभा चुनाव। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बनाम महासचिव आजम खां की जंग में आया नया मोड़, देखें रिपोर्ट:-

रामपुर। लोकसभा सीट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बनाम महासचिव आजम खां की जंग में नया मोड़ आ गया है। आजम खेमे के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने साफ तौर पर कह दिया है कि आजम खां मेरे गुरु हैं, हम सपा प्रत्याशी मोहिबुल्लाह नदवी को चुनाव नहीं लड़ाएंगे। बसपा प्रत्याशी जीशान को ही सपोर्ट करूंगा।

वीरेंद्र गोयल ने स्पष्ट कहा कि वह हमारे विरोधियों के साथ घूम रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर और पार्टी के प्रदेश सचिव अखिलेश गंगवार व ओमेन्द्र चौहान पहले से ही पार्टी प्रत्याशी के प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं। रामपुर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को चुनाव होना है।

सपा प्रत्याशी और आजम खेमे में बढ़ रही दूरियां

सपा प्रत्याशी और आजम खेमे के बीच दूरियां दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हैं। बीते दिनों प्रत्याशी मोहिबुल्लाह ने सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर से उनके घर जाकर मुलाकात भी की थी। उन्होंने पार्टी नेताओं से बात कर प्रचार के बारे में निर्णय लेने की बात कही थी। लेकिन, वह सपा प्रत्याशी के साथ नहीं आए। इसके बाद मोहिबुल्लाह ने कांग्रेस की पूर्व सांसद बेगम नूरबानो से भी मुलाकात की थी। उनके साथ कांग्रेस के नेता आ गए हैं।

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वीरेंद्र गोयल आजम खां के करीबी माने जाते हैं। सपा कार्यालय पर प्रशासन के कब्जा के बाद गोयल ने अपने आवास में ही पार्टी कार्यालय खोल लिया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में लोगों को मारा पीटा गया, इसलिए हम चाहते थे कि अखिलेश यादव यहां से चुनाव लड़ें। दो दिन इंतजार कराया। तीसरे दिन कोई मौलाना साहब हैं, उन्हें भेज दिया। पहले हमने मौलाना साहब का बहिष्कार किया। अगले दिन आसिम राजा का पर्चा भरवाया, लेकिन आसिम राजा को पार्टी ने सिंबल नहीं दिया।

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नवाब खानदान पर साधा निशाना

वीरेंद्र गोयल ने कहा कि हमने निर्णय लिया कि मौलाना कार्यालय आएंगे तो हम उनका प्रचार करेंगे, लेकिन मौलाना नहीं आए। मौलाना उनके पास गए, जिन्होंने हमारे वोटरों को पिटवाया। भाजपा के पक्ष में बोलने वाले ही मौलाना को चुनाव लड़ा रहे हैं। उनका इशारा नवाब खानदान पर था। जिन्होंने 11 मुकदमे मेरे खिलाफ लिखवाए, मौलाना उनके घर जा रहे हैं।

भले ही हमारा अपमान नहीं कर रहे, लेकिन इग्नोर तो कर रहे हैं। हम अखिलेश यादव को बंपर वोट से जिता कर भेजते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मेरा अपना निर्णय स्वतंत्र है। हम चाहते हैं कि भाजपा भी हारे और मौलाना भी। आजम खां का वोटर उनके इशारे पर ही जाएगा। मैं नदवी को नहीं जीशान को ही सपोर्ट करूंगा।

ये है मामला

आजम खां बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में सात साल की सजा काट रहे हैं। 22 मार्च को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे सीतापुर जेल में मुलाकात की थी। तब उन्होंने खुद अखिलेश यादव से रामपुर से चुनाव लड़ने को कहा था। लेकिन, अखिलेश यादव ने खुद लड़ने के बजाए भतीजे तेजप्रताप सिंह को लड़ाने के बारे में विचार किया।

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इस बीच नामांकन दाखिल करने की अवधि पूरी होने से एक दिन पहले आजम खेमे के नेताओं ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर दी। इन नेताओं में सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर और विधायक नसीर खां भी शामिल थे। अगले दिन सपा के शीर्ष नेतृत्व ने मोहिबुल्लाह नदवी को प्रत्याशी घोषित किया, तो आजम खेमे के आसिम राजा ने भी नामांकन दाखिल करा दिया। हालांकि, जांच के दौरान उनका नामांकन पत्र खारिज हो गया। लेकिन, आजम खेमा सपा प्रत्याशी से दूरियां बनाए हुए हैं।

स्रोत im

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