उत्तराखंड
उत्तराखंड में रेल विकास को रफ्तार, 2009-14 के मुकाबले 25 गुना बढ़ा बजट – अजय भट्ट के सवाल पर रेल मंत्रालय का जवाब
नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद Ajay Bhatt ने संसद में केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से अतारांकित प्रश्न पूछते हुए उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत और लंबित प्रस्तावों का ब्यौरा मांगा। साथ ही नई रेल परियोजनाओं और उनके निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी भी ली।
रेल मंत्री की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि उत्तराखंड में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और सुरक्षा कार्यों के लिए रेलवे का बजट पिछले वर्षों में काफी बढ़ा है। वर्ष 2009-14 के दौरान जहां राज्य को 187 करोड़ रुपये का बजट मिला था, वहीं वर्ष 2025-26 के लिए यह बढ़कर 4,641 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो लगभग 25 गुना अधिक है।
रेल मंत्रालय के अनुसार 1 अप्रैल 2025 तक उत्तराखंड में पूरी या आंशिक रूप से आने वाली 40,384 करोड़ रुपये की लागत की तीन नई रेल लाइन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 216 किलोमीटर है, जिनमें से 16 किलोमीटर लाइन को कमीशन भी किया जा चुका है। मार्च 2025 तक इन परियोजनाओं पर 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इसके अलावा चारधाम को रेल संपर्क से जोड़ने के लिए Rishikesh–Karnaprayag Railway Line परियोजना (125 किलोमीटर) को स्वीकृति दी गई है। यह रेल लाइन देहरादून, टेहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी और ऋषिकेश को देवप्रयाग तथा कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क प्रदान करेगी।
परियोजना का अधिकांश हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है। इसमें 104 किलोमीटर लंबाई की 16 मुख्य सुरंगों और लगभग 98 किलोमीटर लंबाई की 12 एस्केप सुरंगों का निर्माण शामिल है। अब तक 99 किलोमीटर मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 एस्केप सुरंगें पूरी की जा चुकी हैं।
निर्माण कार्य को तेज करने के लिए विभिन्न सुरंगों में 8 एडिट्स की पहचान की गई थी, जिनके माध्यम से अतिरिक्त खुदाई कार्य संभव हुआ और लंबी सुरंगों के निर्माण में तेजी आई। सभी 8 एडिट्स (करीब 5 किलोमीटर) का काम भी पूरा हो चुका है।
इस परियोजना में 19 बड़े और महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण भी शामिल है, जिनमें से 8 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी पुलों पर निर्माण कार्य जारी है।
रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि Gangotri, Yamunotri, Kedarnath और Badrinath तक रेल संपर्क बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है।